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बिहार में NRC नहीं होगा लागू:-नीतीश कुमार

by awaztimes
nitis kumar

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में नेशनल रजिस्टार ऑफ़ सिटीजंस (एनआरसी) की ज़रूरत नहीं है.
उन्होंने ये बात तब कही जब संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि केंद्र के एनआरसी पर आपका स्टैंड क्या है? इसके जवाब में नीतीश कुमार ने कहा, “बिहार में इसे क्यों लागू किया जाए?”
नीतीश कुमार बीजेपी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) शासित राज्यों में पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं, जिन्होंने एनआरसी के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई है.हालांकि जनता दल(यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर एनआरसी और सिटीजनशिप एमेंडमेंट एक्ट (सीएए) के ख़िलाफ़ पहले से आवाज़ उठाते रहे हैं.जेडीयू की तरफ़ से संसद में सीएए का समर्थन करने के बाद प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, “धर्म के आधार पर नागरिकता के अधिकार में भेदभाव करने वाले नागरिकता संशोधन विधेयक को जेडीयू का समर्थन मिलते हुए देखकर निराशा हुई.””यह पार्टी के संविधान के विषम है जिसके पहले पन्ने पर ही तीन बार धर्मनिरपेक्ष शब्द लिखा हुआ है और जिसका नेतृत्व कदाचित गांधीवादी आदर्शों की राह पर चलता है.”
जेडीयू नेता प्रशांत किशोर ने नागरिकता संशोधन विधेयक को समर्थन देने के पार्टी के फ़ैसले को निराशाजनक बताया था.केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस महीने की शुरुआत में कहा है कि 2024 तक वे देश के सभी घुसपैठियों को बाहर कर देंगे.
वैसे दिलचस्प यह है कि नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने विवादास्पद सिटीजनशिप एमेंडमेंट एक्ट क़ानून के पक्ष में वोट किया था. अमित शाह सिटीजनशिप एक्ट में संशोधन को एनआरसी के दिशा में पहला क़दम बताया है.
एनआरसी का विरोध और सिटीजनशिप एक्ट का समर्थन करने वाले नीतीश कुमार वैसे देश के दूसरे मुख्यमंत्री हैं. ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल ने भी सिटीजनशिप एक्ट का समर्थन किया था लेकिन एनआरसी का विरोध किया है. हालांकि नवीन पटनायक की पार्टी एनडीए का हिस्सा नहीं है.

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